राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री के सामने उठाई गोल्डन कार्ड से उपचार में आ रही समस्याएं
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री के सामने उठाई गोल्डन कार्ड से उपचार में आ रही समस्याएं

देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमंडल ने आज सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर गोल्डन कार्ड से राज्य कर्मियों/पेंशनरों की कैश लेस चिकित्सा में आ रही कठिनाइयां और उनको दूर करने के लिए सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को तत्काल बैठक आयोजित कर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने परिषद को आस्वस्थ किया गया या कि शीघ ही सरकार द्वारा कर्मचारियों की लम्बित अन्य समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरूण पांडे ने बताया कि गोल्डन कार्ड धारी समस्त राज्य कर्मियों/पेंशनरों से मासिक प्रीमियम की कटौती लगातार जारी है, लेकिन योजनान्तर्गत पंजीकृत किसी भी चिकित्सालय द्वारा यह सुविधा भुगतान लंबित होने के कारण उपलब्ध नहीं करायी जा रही है। संगठन की मांग पर राज्य सरकार ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को 75 लाख रुपए का ऋण उपलब्ध कराया है। जो कि बकाये के दृष्टिगत ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है।
इसी प्रकार राज्य कर्मियों एवं पेंशनरों द्वारा ओपीडी एवं पंजीकृत चिकित्सालयों के अतिरिक्त करायी गयी चिकित्सा के भुगतान भी बड़ी संख्या में धनराशि के अभाव में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के स्तर पर लंबित चल रहे है। जबकि, संगठन द्वारा ओ0पी0डी0 की सुविधा को भी राजकीय एवं योजनान्तर्गत पंजीकृत चिकित्सालयो मे कैशलेस किये जाने की मांग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य कर्मियों एवं पेंषनरों से की जा रही मासिक कटौती की धनराशि कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने में कम पड रही है तो राज्य सरकार का दायित्व है कि पूर्व की भांति इस वांछित अतिरिक्त धनराशि का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाय।