राजकाज
धामी कैबिनेट में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार के सचिवालय में आहूत मंत्रिमंडल की बैठक में अग्निवीर सेवा पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण समेत 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी।
कैबिनेट के फैसले
- अग्निवीर सेवा पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी।
- धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम में संशोधन कर और धर्मांतरण विरोधी कानून को और सख्त बना दिया है। नए कानून के तहत सजा 10 साल से बढ़ाकर 14 साल और कुछ विशेष मामलों में तो यह सजा 20 साल तक दी जा सकती है। इसके अलावा जुर्माने की राशि 50,000 से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।
- लखवाड़ जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों को अब नैनबाग सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा ताकि प्रभावित परिवारों को उनकी जमीन और संसाधनों की उचित भरपाई मिल सके।
- श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में उपाध्यक्ष का 1 अतिरिक्त पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
- वनीकरण निधि प्रबंधन, प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट को कैबिनेट की संस्तुति दी गई।
- उत्तराखंड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम (UPDCC) के ढांचे का पुनर्गठन किया गया है। जिसमें कुल 95 पदों का सृजन, जो सिंचाई विभाग से डेपुटेशन पर होंगे।
- सहकारिता विभाग में उत्तराखंड सहकारी संस्थागत सेवा मंडल का गठन किया गया है, जिसके तहत सहकारी बैंकिंग सेक्टर से संबंधित भर्ती आईबीपीएस के माध्यम से होगी।
- उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड, के वर्ष 2021-22 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत करने का मंजूरी।
- विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 104 (4) के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक लेखा विवरण को विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।
- कम्पनी अधिनियम 2013, की धारा 395 (बी) के अनुपालन के क्रम में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।
- उत्तराखंड पशुपालन विभाग सांख्यिकीय सेवा नियमावली 2025 का प्राध्यापन
- उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली 2025 मंजूर।
- सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की नियमावली को हरी झंडी। सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग एवं नवाचार (ैज्प्) नीति 2025 को मंजूरी दी गई।
- राजकीय औद्योगिक संस्थानों में शेड/भूखंडों के आवंटन/निरस्तीकरण/स्थानांतरण/किराया आदि के संबंध में एकीकृत प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी।
- उत्तराखंड उच्चतर न्यायिक सेवा (संशोधन), नियमावली 2025 मंजूर।
- उत्तराखंड भू सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) के वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा में सदन पटल पर रखे जाने को मंजूरी मिली।
- ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत प्रादेशिक विकास सेवा नियमावली 2011 में संशोधन को मंजूरी।
- उत्तराखंड पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक 2025 को विधानसभा के समक्ष पुनरू स्थापित किए जाने को मंजूरी।